बिना रस और मिठास का गुलाबजामुन है लाल सिंह चड्ढा, अब आमिर से छिनता नज़र आ रहा है मिस्टर परफ़ेक्शनिस्ट का टैग

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पुलकित कपूर
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लाल सिंह चड्ढा सिनेमाघरों में देखी जा सकती है। इस फिल्म का कई दर्शक इंतज़ार कर रहे थे तो वहीं कई दर्शक इस फिल्म का विरोध भी कर रहे थे। हालांकि ये कहना गलत नहीं है कि इस फिल्म का विरोध होना चाहिए। इस फिल्म के विरोध का कारण यहाँ कुछ समुदाय द्वारा बॉयकॉट करना नहीं हैं बल्कि फिल्म में दम नहीं होना है।

आज दर्शक सिनेमाघरों में किसी बड़ी स्टार को देखने नहीं बल्कि फिल्म की कहानी को जानने के लिए जाते हैं। लेकिन जब कहानी ही अच्छी न हो तो फिट दर्शक भी खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। ऐसा ही कुछ लाल सिंह चड्ढा के साथ हो रहा है। कई दर्शक बता रहे हैं कि फिल्म में खास दम नहीं है।

लाल सिंह चड्ढा को फॉरेस्ट गंप का रीमेक बताया जा रहा है। शुरुआत में जब इस फिल्म से जुड़ी सिर्फ इतनी ह जानकारी सामने आई थी तो दर्शकों को भी लगा था कि फिल्म अच्छिन होने वाली है और फिर फिल्म में आमिर खान थे तो फिल्म का बढ़िया होना बनता भी है। लेकिन अब जब फिल्म रिलीज़ हुई है तो ये बिल्कुल वैसी ही है जैसे बिना रस और मिठास का गुलाबजामुन। फिल्म में फॉरेस्ट गंप जैसा कुछ नहीं है।

वहीं आमिर हर फिल्म में अपना अच्छा परफ़ोर्मेंस देते हैं। लेकिन इस फिल्म में आमिर का टैलेंट ही खोया हुआ नज़र आ रहा है। आमिर की एक्टिंग ही दर्शकों को खास पसंद नहीं आ रही है। ऐसे में फिल्म को अच्छे रिव्यू न मिलने में कोई हैरानी नहीं है। इस फिल्म में आमिर की एक्टिंग देखने के बाद ऐसा लग रहा है जैसे आमिर से अब जल्द ही मिस्टर परफेक्शनिस्ट का टैग छीनने वाला है।

वहीं अब दर्शकों का कहना है कि फिल्म क्रिएटर्स ने भी इस फिल्म के सहारे दर्शकों से धोखाधड़ी भी की है। क्योंकि फिल्म को सिर्फ फॉरेस्ट गंप के नाम पर बेचा गया है जबकि दोनों फिल्मों में जमीन आसमान का अंतर है।

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