हरियाणा से जाना है मुंबई तो नो टेंशन, दिल्ली एक्सप्रेस वे से 24 की बजाय पहुंचेंगे 12 घंटे में

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पुलकित कपूर
पुलकित कपूर
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चंडीगढ़: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस का लाभ देश के अधिकांश राज्यों तक पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। ताकि लोगों का आवागमन सुविधाजनक हो सके। इसके लिए यही कोशिश हो रही है। देश का यह महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश से होता हुआ मुंंबई तक जाएगा। केंद्र सरकार का दावा है कि इस हाईवे का सफर ना केवल सुविधाओं से लैस होगा, बल्कि मुंबई तक पहुंचने का समय 24 घंटे से घटकर 12 घंटे हो जाएगा।

नोएडा एयरपोर्ट से होगा कनेक्ट

इस हाईवे की शुरूआत दिल्ली से होगी और उसके बाद इसे तमाम शहरों से कनेक्ट करते हुए महाराष्ट्र तक ले जाने की योजना है। यही नहीं इस हाईवे को नोएडा में बनने वाले एयरपोर्ट से इंटरचेंज के जरिए जोड़ा जा रहा है। इसका लाभ हरियाणा के फरीदाबाद, बल्लभगढ़, मेवात, तथा गुरूग्राम को भी मिलेंगा। इस इंटरचेंज से हजारों लोग मुंबई एक्सप्रेस वे से नोएडा एयरपोर्ट पर चंद मिनटों में और वह भी बिना जाम के पहुंच सकेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का दावा है कि मुंबई एक्सप्रेस वे पर सफर करने के लिए बेशक लोगों को टोल टैक्स चुकाना होगा, मगर वह महज 12 घंटे में अपना सफर पूरा करके मुंबई पहुंच सकेंगे।

एनसीआर बोर्ड ने दिए 80 करोड़

इसके लिए समूचे हाईवे पर तमाम सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी, ताकि लोगों को यातायात के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े। इसके लिए कई जगह पर एयर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध करवाने का दावा किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब इस एक्सप्रेस वे से साऊथ हरियाणा के कई शहरों को जोडऩे की योजना भी सामने आई है। इसके लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने 80 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। ताकि दक्षिण हरियाणा के पिछड़े इलाकों को भी विकास के रास्ते पर लाया जा सके। इसका सीधा सा लाभ इन शहरों को रोजगार के रूप में भी मिलेगा और इसके ढेरों अवसर पैदा होने की संभावना बन जाएगी।

रेवाड़ी-बावल सडक़ मार्ग बनेगा

इस परियोजना के तहत रेवाड़ी और बावल के बीच फोरलेन सडक़ मार्ग बनाए जाने के कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस कार्य की जिम्मेदारी हरियाणा सडक़ एवं पुल विकास निगम को दी गई है। इस परियोजना पर आने वाली 80 करोड़ रुपए की लागत एनसीआर प्लानिंग बोर्ड द्वारा मंजूर कर ली गई है। बावल को रेवाड़ी से जोड़ते ही इस इलाके के कई शहरों को सीधे रोजगार व विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेवाड़ी तक फोरलेन बनते ही आसपास के दर्जनों इलाकों का सीधा जुड़ाव मुंबई एक्सप्रेस से हो जाएगा और रेवाड़ी पहले से ही इस एक्सप्रेस से जोड़ा जा रहा है। इस तरह से रेवाड़ी के जरिए साऊथ हरियाणा के कई इलाके दिल्ली-मुुंबई एक्सप्रेस वे का हिस्सा बन जाएंगे। इसके लिए ही इस परियोजना पर काम शुरू करने की योजना तैयार कर ली गई है।

काटे जाएंगे पांच हजार पेड

इस परियोजना के लिए करीब पांच हजार पेडों को काटा जाना है, जिसके लिए वन विभाग से एनओसी का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि इस कार्य के लिए टेंडर जारी होने की औपचारिकता भी अंतिम चरण में है। बताया तो यह भी गया है कि पहले 3 जनवरी को इस कार्य के लिए टेंडर जारी होना था, पंरतु वन विभाग से एनओसी ना मिलने की वजह से यह काम रूक गया। बताया जा रहा है कि जल्द ही वन विभाग से एनओसी हासिल हो जाएगी, जिसके बाद टैंडर की औपचारिकता पूरी कर दी जाएगी। बता दें कि रेवाड़ी-बावल फोरलेन सडक़ की चौड़ाई 10 मीटर की जा रही है। एचएसआरडीसी के डीजीएम सतेंद्र सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग से एनओसी मिलने का इंतजार है। इसके बाद ई- टैंडर के जरिए काम एलॉट किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने संभावना जताई कि जल्द ही इस प्रकिया को फाईनल कर काम शुरू करवाया जा सकता है।

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