गरीबी आने से पहले मिलते हैं ये 5 संकेत, आचार्य चाणक्य ने किया है जिक्र

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पुलकित कपूर
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गरीबी में जिंदगी गुजारना वाकई हर किसी के लिए मुश्किल होता है। कई बार गरीबी की मार व्यक्ति को तोड़ कर रख देती है। माना जाता है कि यदि मां लक्ष्मी किसी से नाराज़ हो जाए तो उसे गरीबी का सामना करना पड़ता है। लेकिन यदि गरीबी आने से पहले संकेत मिल जाएं तो इस मुश्किल को रोका जा सकता है।

बता दें कि विद्वान आचार्य चाणक्य ने इन्हीं संकेतों के बारे में अपने नीति शास्त्र में जिक्र किया है। उन्होंने अपने श्लोकों में बताया है कि कैसे गरीबी आने से पहले 5 संकेतों को देती है। आइए जानते हैं।

तुलसी का सूख जाना

तुलसी को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। घर घर में तुलसी के पौधे की पूजा की जाती है। ऐसे में जब तुलसी का पौधा सूखने लगे तो ये गरीबी का संकेत हो सकता है। माना जाता है कि तुलसी का पौधा सूखने पर माँ लक्ष्मी नाराज़ होती हैं। ऐसे में पौधे को सूखने नहीं देना चाहिए और सूख जाए तो नया पौधा लगाना चाहिए।

काँच का टूटना

ये बात तो हर कोई जानता है कि काँच का टूटना अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि घर में अचानक कोई काँच टूट जाए तो ये गरीबी का संकेत होता है। माना जाता है कि टूटे काँच को भी घरों में नहीं रखना चाहिए इससे हर में दरिद्रता आती है।

पूजा पाठ का न होना

आचार्य चाणक्य के मुताबिक घर में पूजा पाठ होते रहना भी जरूरी होता है इससे घर में सकारात्मक वातावरण रहता है। पूजा पाठ ही माँ लक्ष्मी को भी आक्रशित करते हैं। इसलिए जिस घर में पूजा पाठ नहीं होती है वहाँ आर्थिक तंगियाँ भी आ जाती हैं।

बड़ों का अनादर करना

चाणक्य के मुताबिक जिस घर में बड़े बुज़ुर्गों का सम्मान नहीं किया जाता है उस घर में भी आर्थिक तंगी वास कर लेती है। इसलिए बड़े बुज़ुर्गों के साथ भी अच्छा व्यवहार करना चाहिए जिससे घर में समृद्धि बढ़ती है।

घर में लड़ाइयाँ होना

घर में लड़ाइयाँ होना भी गरीबी का संकेत माना जाता है। चाणक्य के मुताबिक जिस घर में लड़ाइयाँ होती हैं वहाँ भी दरिद्रता रहती है और घर में गरीबी आने लगती है।

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