हरियाणा में अब कबाड़ा नहीं होंगे 10 और 15 साल पुराने वाहन, दिल्ली में महंगा हुआ रजिस्ट्रेशन टैक्स

Must Read

डी पांडेय
डी पांडेयhttp://Heraldhindi.com
I keep my eyes wide open and observe everything minute. I strive for development and I live for Content Writting.

नई दिल्ली : दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए पुरानी गाडिय़ों को लेकर परेशानी बढ़ती जा रही है। एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल और 15 पुरानी डीजल गाडिय़ा चलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस गाडिय़ों को चलाने पर जुर्माना भी लगता है। लेकिन इसमें एक विकल्प है, आप पुरानी गाडिय़ों का रि रजिस्ट्रेशन कराकर उनको दूसरे राज्यों में बेच सकते हो। जहां पर इस तरह का प्रतिबंध नहीं है, लेकिन अब उसमें जेब हल्की करनी पड़ेगी ।

600 की जगह देने पड़ेंगे 5 हजार रुपए

किसी भी 10 और 15 साल पुरानी गाड़ी का रि-रजिस्ट्रेशन कराने पर 600 की जगह अब 5 हजार रुपए देने पड़ेंगे। यानिकी अब आठ गुणा चार्ज अधिक देना पड़ेगा। वहीं ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट दिल्ली के लोगों को यह भी सलाह दी थी कि वह अपनी पुरानी गाडिय़ां खुद स्क्रैप में बेच दे। केंद्रीय सडक़ परिवहन की ओर से जारी आदेश एक अप्रैल से लागू हो जाएगा। यानि पुरानी गाडिय़ोंं का रजिस्ट्रेशन कराने में लोगों को अपनी जेब हल्की करनी पड़ेगी। टू व्हीलर की रजिस्ट्रेशन फीस 300 से बढक़र एक हजार रुपए हो गई है। वहीं आयतित कारों पर 15 हजार के बजाय अब 40 हजार वसूला जाएगा। ट्रैक्सी के लिए एक हजार के बजाय अब सात हजार देने पड़ेगे।

ट्रक बस पहले 1500 रुपए में होते थे रिन्यू

ट्रक और बस पहले 1500 रुपए में रिन्यू कर दिए जाते थे, लेकिन अब 12 हजार 500 रुपए इसके लिए खर्च करने पड़ेगे। वहीं छोटे पैसेंजर वाहनों को रिन्यू कराने में पहले 1300 रुपए लगते थे। अब 10 हजार रुपए का शुल्क लगाया जाएगा।अगर समय पूरा होने के बावजूद देरी की जाती है तो उसका फाइन 300 रुपए लगेगा। वहीं कर्मिशयल वाहनों पर यह फाइन 500 रुपए लगेगा। नियम के अनुसार 15 साल से पुराने वाहनों को हर पांच साल पर नवीनीकरण कराना होता है। सरकारी आकंडो की माने तो एनसीआर सहित भारत में कम से कम 1.20 करोड़ वाहन स्क्रैपिंग लायक है।

लोकसभा में सरकार ने दिया था ये जवाब

लोकसभा में सरकार ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि देश में कुल 2.14 करोड़ गाडिय़ा ऐसी है जो 20 साल पुरानी है। इसमें आंधप्रदेश, तेलांगना, लक्षदीप के आंकड़े शामिल नहीं थे। क्योंकि ये राज्य केंद्रीय वाहन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। 20 साल पुरानी गाडिय़ों में कर्नाटक पहले स्थान पर है। वहीं दिल्ली दूसरे नंबर पर है। इस कदम से पर्यावरण को सुधारने में भी काफी मदद मिलेगी।

हरियाणा में कंडम नहीं होंगे पुराने वाहन

बता दें कि हरियाणा सरकार ने एनसीआर के अधीन आने वाले अपने शहरों में लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। राज्य के इन शहरों में अब 10 और 15 साल पुराने वाहनों को कंडम घोषित नहीं किया जाएगा। सरकार ने हाल ही में यह आदेश जारी किए हैं। जिसके बाद हरियाणा में अब ऐसे वाहनों की धरपकड़ बंद कर दी गई है। सरकार ने अपने आदेश में गुरूग्राम में चलने वाले पुराने ऑटो को ही कंडम घोषित करने की नीति तैयार करने के लिए कहा है। मगर उन पर भी यह आदेश लागू करने से पहले सभी ऑटो चालकों को उन्हें बदलने के लिए समय देने की बात भी कही गई है। यानि कि गुरूग्राम के सभी ऑटो चालकों को अपने ऑटो बदलने के लिए पूरा वक्त दिया जाएगा, ताकि उन्हें भी इस नियम से परेशानी ना हो। मगर वहीं दूसरी ओर दिल्ली में पुराने वाहनों को केवल एक ही सूरत में छूट दी जा रही है कि वह अपने वाहनों में इलेक्ट्रिक किट लगवा लें। इसके बाद ही वह अपने पुराने वाहनों को चला सकेंगे।

- Advertisement -spot_img

Latest News

इस OTT पर रिलीज़ हो चुकी है लाल सिंह चड्ढा, जानिए कितने में तय हुई है डील

बीते अगस्त के महीने में ही आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा को रिलीज़ किया गया था। फिल्म...
- Advertisement -spot_img

और भी पढ़े